उत्तर मध्य रेलवे ने सोलर-असिस्टेड पैसेंजर कोच तैयार किया है, जिसकी छत पर 6.93 किलोवाट क्षमता के 21 सोलर पैनल लगाए गए हैं। इनसे हर साल करीब 13,400 यूनिट बिजली बनेगी, जिसका इस्तेमाल कोच की लाइट, पंखे और अन्य उपकरण चलाने में होगा। रेलवे के मुताबिक, इससे एक कोच पर सालाना करीब ₹2.80 लाख की बिजली लागत बचेगी।