For the best experience use inshorts app on your smartphone

हेल्थ एंड फिटनेस News

मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता पांचाल ने बताया है कि रोज़ एक इलायची खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। उन्होंने कहा, "इलायची में नैचुरली ऐंटीस्पास्मोडिक इफेक्ट होता है जो गैस, अपच और ब्लोटिंग दूर करने में मददगार है।" उन्होंने कहा, "हेवी वॉटर रिटेंशन या माइल्ड बीपी में भी इलायची फायदेमंद है...इलायची नैचुरल डाइयूरेटिक है जो शरीर से सोडियम को निकाल देता है।"
short by Tanya Jha / 04:33 pm on 26 Sep
जवान दिखने के लिए ₹17 करोड़/वर्ष खर्च करने वाले अमेरिकी मिलियनेयर ब्रायन जॉनसन ने बताया है कि वह अक्सर अपनी गर्लफ्रेंड केट टोलो के शरीर पर पूरा भार डालकर उनके ऊपर लेट जाते हैं। उन्होंने बताया, "यह डीप-प्रेशर से उसके (केट) नर्वस सिस्टम को...दौड़ते विचारों को शांत करता है...यह ऑक्सिटॉसिन रिलीज़ करता है...जिससे कॉर्टिसोल घटता है...हम इसे GLP-ब्रायन कहते हैं।"
short by खुशी / 07:20 pm on 26 Sep
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने फाइबर की कमी के 10 संकेत बताए हैं। उनके मुताबिक, खाना खाने के तुरंत बाद भूख लगना, भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ना, LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, कब्ज़, टॉयलेट में ज़ोर लगाना, अनियमित मल त्याग और कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन खाने के बाद सुस्ती महसूस होना इसके संकेत हो सकते हैं।
short by पंकज कसरादे / 07:15 am on 27 Sep
डॉक्टर सलीम ज़ैदी के मुताबिक, विटामिन डी की कमी का असर हड्डियों के साथ मांसपेशियों और इम्यूनिटी पर भी पड़ सकता है। डॉक्टर के अनुसार, इसके 4 प्रमुख संकेत हैं लगातार थकान और कमज़ोरी, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, बार-बार सर्दी-खांसी होना और मूड स्विंग। विटामिन डी कि कमी होने पर तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याएं भी दिख सकती हैं।
short by शुभम श्रीवास्तव / 03:27 pm on 27 Sep
कल्याण (महाराष्ट्र) में मैगी पकाते समय पैकेट से कीड़े निकलने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पैकेट पर एक्सपायरी डेट फरवरी 2027 थी। एक सोशल मीडिया यूज़र ने वीडियो शेयर कर कहा, "हमने इसे खा लिया होता तो हमारा क्या होता?" कई लोगों ने मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे को टैग किया है।
short by चंद्रमणि झा / 03:46 pm on 27 Sep
मेदांता ग्रुप के चेयरमैन और एमडी डॉक्टर नरेश त्रेहान ने बताया है, "भारत में आर्टिरीज़ ब्लॉक होने के केस बड़ी तादाद में बढ़ रहे हैं...यह समस्या अब 30-40 उम्र के बीच हो रही है।" उन्होंने बताया, "इसका पहला कारण हमारी लाइफस्टाइल है...स्मोकिंग भारत में बहुत ज़्यादा है...फिर हमारे यहां डायबिटिक आबादी बहुत ज़्यादा है...मोटापा भी इसका एक बड़ा फैक्टर है।"
short by शुभम गुप्ता / 04:11 pm on 27 Sep
कनाडा में रहने वाले भारतीय युवक ने दावा किया है कि उसने 1.5 साल पहले भारतीय खाना छोड़ दिया था जिसके बाद वह अपनी ज़िंदगी की सबसे अच्छी फिटनेस में पहुंच गया। युवक ने बताया कि वह 150-ग्राम से ज़्यादा प्रोटीन लेता है और कैलोरी डेफिसिट में रहता है। एक यूज़र ने लिखा, "सही बात है, लेकिन स्वाद का क्या?"
short by पंकज कसरादे / 08:25 pm on 27 Sep
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमित हांडा ने कहा है कि स्मार्टवॉच हार्ट रेट मॉनिटर करने और एट्रियल फिब्रिलेशन जैसी अनियमित धड़कनों का संकेत देने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, ये हार्ट-अटैक, ब्लॉकेज या हार्ट फेल्योर का पता नहीं लगा सकतीं। बकौल डॉक्टर, स्मार्टवॉच की रीडिंग क्लिनिकल ECG के बराबर नहीं होती और इसे डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
short by पंकज कसरादे / 09:02 pm on 27 Sep
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ज्ञानती आरबी सिंह ने दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोज़ाना 5-आदतें अपनाने की सलाह दी है। उनके अनुसार, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल जैसे स्वास्थ्य मानकों की निगरानी, तंबाकू और शराब से दूरी तथा पर्याप्त नींद व तनाव प्रबंधन हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
short by पंकज कसरादे / 04:11 pm on 28 Sep
जूते के फीते बांधने के लिए झुकते समय सांस फूलना 'बेंडोपेनिया' कहलाता है और यह हार्ट फेलियर या शरीर में फ्लूइड बढ़ने का शुरुआती संकेत हो सकता है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दिमित्री यारानोव के अनुसार, आगे झुकने पर हार्ट में ब्लड का दबाव बढ़ता है जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। बार-बार ऐसा होने पर हार्ट की जांच करानी चाहिए।
short by शुभम श्रीवास्तव / 07:00 am on 29 Sep
पल्मोनोलॉजिस्ट डॉक्टर पंकज छाबड़ा ने 'HT लाइफस्टाइल' से हुई बातचीत में फेफड़ों को स्वस्थ रखने के 5 तरीके बताए हैं। बकौल डॉक्टर, धूम्रपान और सेकेंड हैंड स्मोक से बचें, घर के अंदर की हवा भी स्वच्छ रखें, नियमित व्यायाम-शारीरिक गतिविधियां करते रहें, खुद को बाहरी प्रदूषण-इन्फेक्शन से बचाएं और लगातार खांसी/सांस फूलना/घरघराहट/सीने में परेशानी/खांसी में खून को नज़रअंदाज़ ना करें।
short by खुशी / 07:10 am on 29 Sep
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने ऐसे संकेत बताए जिनसे पता चलता है कि आपकी डाइट में फाइबर की कमी है। इनमें खाना खाने के कुछ ही समय बाद फिर भूख लगना, खाना खाने के बाद ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ना, बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, मल का ढीला या सख्त होना और कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने के बाद थकान होना शामिल हैं।
short by Aakanksha / 09:58 am on 29 Sep
एम्स दिल्ली में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉक्टर अम्बुज रॉय ने दिल को हेल्दी रखने के लिए 10 डाइट रूल्स बताए हैं। उन्होंने बताया, "वज़न के हिसाब से खाएं ना कि क्रेविंग के हिसाब से...रोज़ाना सब्ज़ियां-फल खाएं (400ग्राम/दिन)...होल ग्रेन खाएं...सही तेल इस्तेमाल करें...मुट्ठीभर नट्स रोज़ाना खाएं...अचार/पैकेज्ड नमकीन/पापड़ ना खाएं...पर्याप्त प्रोटीन लें...शुगरी ड्रिंक्स ना लें...घर पर बना खाना खाएं।"
short by शुभम गुप्ता / 03:59 pm on 29 Sep
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) यूपी ने X पर डिनर के बाद टहलने के लाभ बताए हैं। यूपी एनएचएम के अनुसार, खाने के बाद थोड़ी सी वॉक आपके पाचन में मदद, वज़न नियंत्रित करने में सहायक और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी लाभदायक है। इसके अलावा यह छोटी सी आदत नींद नियंत्रित करने में भी फायदेमंद है।
short by Anuj / 04:31 pm on 29 Sep
हेल्थ-टेक प्लैटफॉर्म 'चिकित्सा मित्र' की सह-संस्थापक स्मृति टंडन ने कहा, "मेरा मानना है कि मरीज़ अक्सर कुछ ऐसा जानना चाहते हैं जो अधिक स्वाभाविक हो।" उन्होंने कहा, "मरीज़ जानना चाहते हैं कि चिंता करने की ज़रूरत है या नहीं...किसी को ऐसी समस्या हुई है...किस डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए...इलाज में क्या होगा और...कितना खर्च आएगा...क्या दूसरों के लिए कष्टदायक था।"
short by Priyanka Verma / 04:34 pm on 29 Sep
मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) के डॉक्टर नरेश त्रेहान के अनुसार, जिनके माता-पिता, चाचा या दादा-दादी को हृदय रोग रहा है उनमें सामान्य लोगों की तुलना में हृदय रोग का खतरा दोगुना हो सकता है। बकौल डॉक्टर, ऐसे लोगों को 25-वर्ष की उम्र से पहले ही रिस्क फैक्टर एनालिसिस/प्रिवेंटिव चेकअप कराना चाहिए क्योंकि जल्दी पता चलने पर बीमारी कंट्रोल हो सकती है।
short by वेद प्रकाश शर्मा / 04:40 pm on 29 Sep
बच्चों का अत्यधिक स्क्रीन टाइम उनके विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है। शोध के मुताबिक, गेमिंग, सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग पर ज़्यादा समय बिताने से बच्चों की पढ़ाई और भाषा कौशल प्रभावित हो सकते हैं। 64-देशों के 28-लाख से अधिक बच्चों के आंकड़ों पर आधारित इस विश्लेषण में विभिन्न डिजिटल डिवाइस और गतिविधियों के प्रभाव का आकलन किया गया।
short by पंकज कसरादे / 10:58 pm on 29 Sep
डॉक्टर शालिनी सिंह ने बताया कि एक 33-वर्षीय व्यक्ति को ब्रुसेलोसिस संक्रमण हुआ और 20-दिनों तक बुखार रहने के बाद उसे हार्ट फेलियर हो गया। बकौल डॉक्टर, उसकी पहली गलती थी कि वह वर्षों से ऐंटासिड ले रहा था जिससे पेट का ऐसिड कम हो गया। दूसरी गलती थी कि उसने कच्चा दूध पिया जिससे ब्रुसेला बैक्टीरिया हार्ट तक पहुंचा।
short by Himanshu / 08:01 am on 30 Sep
फिनलैंड में प्रकाशित ऑक्यूपेशनल ऐंड एनवायरनमेंटल मेडिसिन पत्रिका में छपी स्टडी के अनुसार, सुबह की बजाय शाम को अधिक सक्रिय रहने वाले लोगों में समय से पहले रिटायरमेंट का जोखिम 1.7 गुना ज़्यादा होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, शाम के समय सक्रिय रहने वाले लोगों का रिटायरमेंट उम्र तक काम जारी रखना टिकाऊ अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौती हो सकता है।
short by Aakanksha / 11:54 am on 30 Sep
Load More
For the best experience use inshorts app on your smartphone